नेता
मैं किसी को कुछ नहीं देता
फिर भी लोग कहते हैं मुझे नेता ।।
पर्दे के आगे बोलता हूं
मीठे मीठे बोल,
पर्दे के पीछे करता हूं
बड़े-बड़े झोल,
जो भी नागरिक बजाता है
मेरी बुराई का ढोल,
जनता से लूटे हुए पैसों से
उसको देता हूं तो तोल ।।
चुनाव से पहले करता हूं
ढेर सारे वादे,
चुनाव के बाद मुझसे
पूरे भी नहीं होते आधे,
दामन में दाग बहुत है फिर भी
कपड़े पहनता हूं साफ एवं सादे,
मैं वह आम नागरिक हूं
जिसके लिए न कोई कानून, न कायदे,
पूरे देश की ताकत मेरे हाथ में है
यही तो है इस राजनीति के फायदे।।
मेरा कोई विरोधी हो या विपक्षी
मैंने उसकी तबीयत से बजाई,
मेरी छवि बेहतर बने इसलिए
ना चाहते हुए भी करी मैंने अपनों की बुराई,
तनख्वाह बेशक कम हो
लेकिन चोरी-छिपे करी है करोड़ों की कमाई,
तभी तो कपड़ों से लेकर जूते तक
सब पहनता हूं हाई-फाई ।।
मैं किसी को कुछ नहीं देता
मैं हूं सिर्फ एक बेईमान नेता।।
जितेन्द्र
मैं किसी को कुछ नहीं देता
फिर भी लोग कहते हैं मुझे नेता ।।
पर्दे के आगे बोलता हूं
मीठे मीठे बोल,
पर्दे के पीछे करता हूं
बड़े-बड़े झोल,
जो भी नागरिक बजाता है
मेरी बुराई का ढोल,
जनता से लूटे हुए पैसों से
उसको देता हूं तो तोल ।।
चुनाव से पहले करता हूं
ढेर सारे वादे,
चुनाव के बाद मुझसे
पूरे भी नहीं होते आधे,
दामन में दाग बहुत है फिर भी
कपड़े पहनता हूं साफ एवं सादे,
मैं वह आम नागरिक हूं
जिसके लिए न कोई कानून, न कायदे,
पूरे देश की ताकत मेरे हाथ में है
यही तो है इस राजनीति के फायदे।।
मेरा कोई विरोधी हो या विपक्षी
मैंने उसकी तबीयत से बजाई,
मेरी छवि बेहतर बने इसलिए
ना चाहते हुए भी करी मैंने अपनों की बुराई,
तनख्वाह बेशक कम हो
लेकिन चोरी-छिपे करी है करोड़ों की कमाई,
तभी तो कपड़ों से लेकर जूते तक
सब पहनता हूं हाई-फाई ।।
मैं किसी को कुछ नहीं देता
मैं हूं सिर्फ एक बेईमान नेता।।
जितेन्द्र


Bhoot khoob bhai
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