मै हू एक लड़की
समाज की हरकतो
पर हू भड़की !!
लड़का लड़की से
तुम्हारी सुंदरता से है मुझे प्यार
तुम्हे अपना बनाने का है ख्वाब
अगर तुमने किया मुझे इनकार
तो तेरे चेहरे पर फेक दूंगा तेजाब
मै हू एक लड़की
समाज की हरकतो
पर हू भड़की !!
दिन हो या रात
मुझे घूमने मे आता है मजा
पर मुझे नही पता था
इसकी बलात्कार होगी सजा
मै हू एक लड़की
समाज की हरकतो
पर हू भड़की !!
बेटी पैदा हुई तो गाड़ दो
बेटा पैदा हुआ तो दान दो
यही समाज का इंसाफ है
जिसने इसका विरोध किया
उसका इस दुनिया से पत्ता साफ है
मै हू एक लड़की
समाज की हरकतो
पर हू भड़की !!
एक बात मैने है जानी
अगर मैने आवाज उठाई
तो लोग कहेगे इसे मनमानी
जिसके कारण मुझे और मेरे
परिवार का सहनी पड़ेगी बदनामी ही बदनामी
मै हू एक लड़की
समाज की हरकतो
पर हू भड़की !!
जितेन्द्र


Keep.writing
ReplyDeleteबहुत खूब भाई लिखते रहो
ReplyDeletekya baat h bhai
ReplyDeleteBhut bdiya.....
ReplyDeleteArye dada gazab ✌️
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