•                                 मेरे दोस्त


    दुनिया में इस रिश्ते का नहीं है कोई मोल
     सच में दोस्त होते हैं बड़े अनमोल ।।

    भगवान की इनायत से अच्छा है मेरा नसीब
    जो जिंदगी में मिले मुझे इतने अच्छे हबीब (दोस्त)
    कुछ है शरीफ
    तो कुछ हैं अजीब
    भले ही मेरे घर से दूर रहते हैं
    लेकिन हमेशा रहते हैं मेरे दिल के करीब
    जब भी मांगो इनसे पैसे
    अचानक हो जाते हैं सब गरीब
    लेकिन जब फंसता हूं किसी मुसीबत में
    यही दोस्त निकालते हैं तरकीब ।।


    जब भी आता है जन्मदिन या हासिल करता हूं इनाम
    दोस्त पार्टी मांग मांग के जीना कर देते हैं हराम
    ले जाते हैं अच्छे होटल में करने मुझे हलाल
    ठूस ठूस  कर खाते हैं कर देते हैं मुझे कंगाल
    पर सच कहता हूं दोस्तों पर खर्च करा है
    इस बात का नहीं होता मुझे मलाल (दुख) ।।


     बोरिंग से बोरिंग समय कट जाता है
     भोजन चंद मिनटों में बट जाता है
     जब दोस्त होते हैं साथ
     किसी से भी बेखौफ भिड़ जाता हूं
     क्योंकि मेरे कंधों पर है दोस्तों का हाथ
     मेरे खराब हुनर पर भले दुनिया देती है मुझे गाली
     पर केवल दोस्त ही हैं
     जो भरी भीड़ में बजाते हैं मेरे लिए ताली ।।

    दुनिया में इस रिश्ते का नहीं है कोई मोल
    सच में दोस्त होते हैं बड़े अनमोल ।।

    जितेन्द्र






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