अपने अंदर की बुराइया करदो खाली
देखो आई खुशियो वाली दीवाली ||
देखो आई खुशियो वाली दीवाली ||
चौदाह साल का राम जी ने काटा वनवास
इसलिए दीवाली होती है इतनी खास
घरो मे जलते है दीपक
लड़ियो की लगती है माला
अंधकार को दूर करके
घरो मे करते है उजियाला
अपने अंदर की बुराइया करदो खाली
देखो आई खुशियो वाली दीवाली ||
इसलिए दीवाली होती है इतनी खास
घरो मे जलते है दीपक
लड़ियो की लगती है माला
अंधकार को दूर करके
घरो मे करते है उजियाला
अपने अंदर की बुराइया करदो खाली
देखो आई खुशियो वाली दीवाली ||
इस दीवाली लेते है संकल्प
यह दीवाली पटाखे वाली नही
उजाले वाली हो
अमीर हो या गरीब
सबके घर मे खुशिया लाने वाली हो
धर्म जाति की नफरत वाली नही
एकता और खुशियो वाली हो
अपने अंदर की बुराइया करदो खाली
देखो आई खुशियो वाली दीवाली ||
यह दीवाली पटाखे वाली नही
उजाले वाली हो
अमीर हो या गरीब
सबके घर मे खुशिया लाने वाली हो
धर्म जाति की नफरत वाली नही
एकता और खुशियो वाली हो
अपने अंदर की बुराइया करदो खाली
देखो आई खुशियो वाली दीवाली ||


दीवाली की ढेरों शुभकामनाएं।
ReplyDeleteअप्रतिम कविता.....
अद्भुत।
Zabar
ReplyDeleteबहुत ही बढ़िया।👌👌👌👌
ReplyDeleteKeep writing and more reading
ReplyDeleteAwsm chote keep it up.. ��
ReplyDeleteMast bhai gajab likha h👌👌👌
ReplyDeleteBhut bdeeya 👍👌keep it up 👍
ReplyDeleteBhut bdeeya 👍👌keep it up 👍
ReplyDeleteBhut achi likhi h
ReplyDeleteBhut achi likhi h
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